*हिंदी दिवस विशेष पर स्वरचित कविता-*
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*हिंदी हमारी मातृभाषा गर्व है अभिमान है।*
*हिंदी हैं हम, हिंदी रहेंगे, अब यही पहचान है।*
*सुंदर मनोरम और मधुरं, ओजस्विनी का भान है।*
*वागीश्वरी के हस्त से ये मिला महत् वरदान है।*
*राष्ट्र के माथे की बिन्दी, राष्ट्र का सम्मान है।*
*कवि सूर का वात्सल्य सागर, तुलसी का भी ये बखान है।*
*गागर में सागर भरने वाले कवियों की पहचान है।*
*निश्चय ही ये है वंदनीय अरु मातृ प्राण समान है।*
*संस्कृत की बेटी लाडली, अरु सरल भी है महान है।*
*आशा है भारत वासियों की देश का उत्थान है।*
*शोभित हिमालय पर है हिंदी, हर्ष अद्भुत गान है।*
*जन - जन की भाषा सूर तुलसी जायसी का गान है।*
*हिंदी ही है वो सरित लेखन हिंदी हमारी शान है।*
*शत् शत् प्रणाम है पुण्य दिन पर ये मेरा स्वाभिमान है।*
*रस छंद से है ये सजी, संतों का अप्रतिम ज्ञान है।*
*जायसी की नायिका भी, मीरा का प्रेम महान है।*
*भावों की है अभिव्यक्ति ये और सभ्यता का मान है।*
*है अखंडित और गर्वित, राष्ट्रप्रेम प्रधान है।*
*हिंदी हमारी मातृभाषा गर्व है, अभिमान है।*
*हिंदी हैं हम हिंदी रहेंगे, अब यही पहचान है ।।*
*आप सभी हिंदी के सुधी अध्येताओं को हिंदी दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं*
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*~वन्दना पाण्डेय*
1. श्रृंगार और वात्सल्य के क्षेत्र में जहाँ तक इनकी दृष्टि पहुँची वहाँ तक और किसी ओर की नही’ उपुर्यक्त कथन किसका है ? रामचन्द्र शुक्ल ✔️✔️ हजारी जी नामवर रामकुमार वर्मा 2 . शुक्लानुसार सूरदास ने किस शब्द को लेकर कई जगह दृष्ट कूट पद कहे है ? (अ) आनंद (ब) सारंग ✔️✔️ (स) माखन (द) मदन 3 . उर में माखन चोर गङे, अब कैसे हूँ निकसत नाहिउधौ तिरछे वहै जु अङे’ पद के रचयिता है ? (अ) कृष्णदास (ब) सूरदास ✔️✔️ (स) कुंभनदास (द) चतुर्भुजदास 4. सूरदास की भक्ति पद्धति का मेरूदण्ड’ कहलाता है ? (अ) पुष्टिमार्ग भक्ति ✔️✔️ (ब) सूरसागर (स) साहित्य लहरी (द) सूरसारावली 5. ’कृष्णभक्त कवियों के संबंध में यह कह देना आवश्यक है कि वे अपने रंग में मस्त रहने वाले जीव थे, तुलसीदास के समान लोकसंग्रह का भाव इनमें न था’ कथन है ? (अ) दीनदयाल गुप्त (ब) डाॅ. नग...
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