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हिंदी दिवस पर कविता

 *हिंदी दिवस विशेष पर स्वरचित कविता-*


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*हिंदी हमारी मातृभाषा गर्व है अभिमान है।*

*हिंदी हैं हम, हिंदी रहेंगे, अब यही पहचान है।*

*सुंदर मनोरम और मधुरं, ओजस्विनी का भान है।*

*वागीश्वरी के हस्त से ये मिला महत् वरदान है।*

*राष्ट्र के माथे की बिन्दी, राष्ट्र का सम्मान है।*

*कवि सूर का वात्सल्य सागर, तुलसी का भी ये बखान है।*

*गागर में सागर भरने वाले कवियों की पहचान है।*

*निश्चय ही ये है वंदनीय अरु मातृ प्राण समान है।*

*संस्कृत की बेटी लाडली, अरु सरल भी है महान है।*

*आशा है भारत वासियों की देश का उत्थान है।*

*शोभित हिमालय पर है हिंदी, हर्ष अद्भुत गान है।*

*जन - जन की भाषा सूर तुलसी जायसी का गान है।*

*हिंदी ही है वो सरित लेखन हिंदी हमारी शान है।*

*शत् शत् प्रणाम है पुण्य दिन पर ये मेरा स्वाभिमान है।*

*रस छंद से है ये सजी, संतों का अप्रतिम ज्ञान है।*

*जायसी की नायिका भी, मीरा का प्रेम महान है।*

*भावों की है अभिव्यक्ति ये और सभ्यता का मान है।*

*है अखंडित और गर्वित, राष्ट्रप्रेम प्रधान है।*

*हिंदी हमारी मातृभाषा गर्व है, अभिमान है।*

*हिंदी हैं हम हिंदी रहेंगे, अब यही पहचान है ।।*

*आप सभी हिंदी के सुधी अध्येताओं को हिंदी दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं*


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                        *~वन्दना पाण्डेय*

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