*हिंदी दिवस विशेष पर स्वरचित कविता-* 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 *हिंदी हमारी मातृभाषा गर्व है अभिमान है।* *हिंदी हैं हम, हिंदी रहेंगे, अब यही पहचान है।* *सुंदर मनोरम और मधुरं, ओजस्विनी का भान है।* *वागीश्वरी के हस्त से ये मिला महत् वरदान है।* *राष्ट्र के माथे की बिन्दी, राष्ट्र का सम्मान है।* *कवि सूर का वात्सल्य सागर, तुलसी का भी ये बखान है।* *गागर में सागर भरने वाले कवियों की पहचान है।* *निश्चय ही ये है वंदनीय अरु मातृ प्राण समान है।* *संस्कृत की बेटी लाडली, अरु सरल भी है महान है।* *आशा है भारत वासियों की देश का उत्थान है।* *शोभित हिमालय पर है हिंदी, हर्ष अद्भुत गान है।* *जन - जन की भाषा सूर तुलसी जायसी का गान है।* *हिंदी ही है वो सरित लेखन हिंदी हमारी शान है।* *शत् शत् प्रणाम है पुण्य दिन पर ये मेरा स्वाभिमान है।* *रस छंद से है ये सजी, संतों का अप्रतिम ज्ञान है।* *जायसी की नायिका भी, मीरा का प्रेम महान है।* *भावों की है अभिव्यक्ति ये और सभ्यता का मान है।* *है अखंडित और गर्वित, राष्ट्रप्रेम प्रधान है।* *हिंदी हमारी मातृभाषा गर्व है, अभिमान है।* *हिंदी हैं हम हिंदी रहेंगे, अब यही पहचान ह...
1*“छायावाद स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह है।” कथन किस आलोचक का है* — आचार्य रामचंद्र शुक्ल नंददुलारे वाजपेई रामकुमार वर्मा नगेंद्र✔️✔️✔️ 2*छायावाद को मधुचर्या किस आलोचक ने कहा* — हजारी प्रसाद द्विवेदी आचार्य रामचंद्र शुक्ल✔️✔️✔️ नंददुलारे वाजपेई नगेंद्र 3 *पन्त जी की प्रथम कविता कोनसी है* ? गिरजे का घंटा ✔️✔️✔️ कला व बूढा चाँद द्रुत झरो स्वर्ण धूलि 4 *छायावाद की पहली काव्य रचना मानी जाती है* ? कामायनी तुलसीदास पंचवटी झरना✔️✔️✔️ 5*मैं कृतार्थ देह , तृणों लघु दोने में तुम मेरी आत्मा का पावक करती धारण* ये किसकी कविता की पंक्तियाँ है ? जयशंकर प्रसाद सुमित्रानंदन पंत ✔️✔️✔️ महादेवी वर्मा निराला 6 *छायावाद के वृह्द्त्री में कौन शामिल नही है* ? प्रसाद पन्त निराला महादेवी✔️✔️✔️ 7 *इनकी रचनाओं में शब्दों के लाक्षणिक वैचित्र्य की प्रवृत्ति उतनी नहीं रही है, जितनी साम्य की दूरारुढ भावना की, उनके उपलक्षण सामान्य अनुभूति के मेल में होते थे।।ये शुक्ल जी ने किसके लिए कहा है।* पंत निराला प्रसाद✔️✔️✔️ महादेवी 8*छायावाद के ब्रह्मा , विष्णु , मह...