सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

शब्दालंकार ट्रिक

*शब्दालंकार __*


*ट्रिक*_*1*


अनु (ने) यम (से) पुन:चित्र (माँगा) श्लेष( ने) वीप्सा (से) वक्रोक्ति( में) पुन: वदाभास (किया)

अनु_अनुप्रास
यम _यमक
पुन:_पुनरुक्ति प्रकाश
चित्र_चित्रा
श्लेष _श्लेष
वीप्सा _वीप्सा
वक्रोक्ति _वक्रोक्ति
पुन:_पुन: वदाभास


*ट्रिक _2*


" *अनुयमश्लेवक्रो चित्रा वीप्सा पुन: पुन:*"*

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भक्तिकाल वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1.  श्रृंगार और वात्सल्य के क्षेत्र में जहाँ तक इनकी दृष्टि पहुँची वहाँ तक और किसी ओर की नही’  उपुर्यक्त कथन किसका है ? रामचन्द्र शुक्ल ✔️✔️ हजारी जी नामवर रामकुमार वर्मा 2 . शुक्लानुसार सूरदास ने किस शब्द को लेकर कई जगह दृष्ट कूट पद कहे है ? (अ) आनंद           (ब) सारंग ✔️✔️ (स) माखन           (द) मदन 3 . उर में माखन चोर गङे, अब कैसे हूँ निकसत नाहिउधौ तिरछे वहै जु अङे’ पद के रचयिता है ? (अ) कृष्णदास         (ब) सूरदास ✔️✔️ (स) कुंभनदास         (द) चतुर्भुजदास 4. सूरदास की भक्ति पद्धति का मेरूदण्ड’ कहलाता है ? (अ) पुष्टिमार्ग भक्ति   ✔️✔️ (ब) सूरसागर (स) साहित्य लहरी          (द) सूरसारावली 5.  ’कृष्णभक्त कवियों के संबंध में यह कह देना आवश्यक है कि वे अपने रंग में मस्त रहने वाले जीव थे, तुलसीदास के समान लोकसंग्रह का भाव इनमें न था’ कथन है ? (अ) दीनदयाल गुप्त          (ब) डाॅ. नग...